Breaking News
Home / Elections / General Elections - 2019 / माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) BJP का थामने जा रही हैं हाथ, लोकसभा चुनाव में यहां की हो सकती हैं उम्मीदवार!
Madhuri dikshit BJP party Amit Shah Election
Madhuri dikshit BJP party-Amit Shah Election

माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) BJP का थामने जा रही हैं हाथ, लोकसभा चुनाव में यहां की हो सकती हैं उम्मीदवार!

भारतीय जनता पार्टी (BJP) 2019 के लोकसभा चुनाव (2019 Lok Sabha elections) में अभिनेत्री माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) को पुणे सीट से मैदान में उतारने पर विचार कर रही है.

BJP party Amit shah Madhuri dikshit election
BJP party Amit shah Madhuri dikshit election

मुंबई: माधुरी दीक्षित (Madhuri Dixit) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) 2019 के लोकसभा चुनाव (2019 Lok Sabha elections) में पुणे सीट से मैदान में उतारने पर विचार कर रही है. पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) ने इस साल जून में अदाकारा से मुंबई स्थित उनके आवास पर मुलाकात की थी.

शाह उस समय पार्टी के ‘संपर्क फॉर समर्थन’ अभियान के तहत मुंबई पहुंचे थे. अमित शाह ने इस दौरान अभिनेत्री को नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धियों से अवगत कराया था. राज्य के एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने बताया कि माधुरी का नाम पुणे लोकसभा सीट के लिए चुना गया है.

उन्होंने कहा, ‘पार्टी 2019 के आम चुनाव में माधुरी दीक्षित को उम्मीदवार बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है. हमारा मानना है कि पुणे लोकसभा सीट उनके लिए बेहतर होगी.’ भाजपा नेता ने कहा, ‘पार्टी कई लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय करने की प्रक्रिया में है और दीक्षित का नाम पुणे लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के लिए चुना गया है. इसके लिए उनके नाम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है.’

51 वर्षीय अदाकारा माधुरी ने ‘तेजाब’, ‘हम आपके हैं कौन’, ‘दिल तो पागल है’, ‘साजन’ और ‘देवदास’ सहित अनेक बॉलीवुड फिल्मों में काम किया है. वर्ष 2014 में भाजपा ने पुणे लोकसभा सीट कांग्रेस से छीन ली थी और पार्टी उम्मीदवार अनिल शिरोले ने तीन लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी.

माधुरी को चुनाव लड़ाने की योजना के बारे में भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, ‘इस तरह के तरीके नरेंद्र मोदी ने गुजरात में तब अपनाए थे जब वह पहली बार मुख्यमंत्री बने थे. उन्होंने स्थानीय निकाय चुनावों में सभी उम्मीदवारों को बदल दिया और पार्टी को उस फैसले का लाभ मिला.’

उन्होंने कहा, ‘नए चेहरे लाए जाने से किसी के पास आलोचना के लिए कुछ नहीं था. इससे विपक्ष आश्चर्यचकित रह गया और भाजपा ने अधिक से अधिक सीट जीतकर सत्ता कायम रखी.’

नेता के अनुसार, इसी तरह का सफल प्रयोग 2017 में दिल्ली के निकाय चुनावों में भी किया गया जब सभी मौजूदा पार्षदों को टिकट देने से इनकार कर दिया गया. भाजपा ने जीत हासिल की और नियंत्रण बरकरार रखा.

(Courtesy: ndtv)

About DivyaSmriti

Check Also

Rahul gandhi-Mamta banarjee

राहुल गांधी को स्टालिन ने बताया प्रधानमंत्री उम्मीदवार तो ममता की भौहें तनीं

विपक्ष के भी कई नेता प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के रूप में किसी का नाम …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *