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चुनाव से पहले अंतरिम बजट
चुनाव से पहले अंतरिम बजट

चुनाव से पहले अंतरिम बजट, मोदी सरकार कर सकती है ये 5 बड़े ऐलान

अगले दो महीने के बाद देश में आम चुनाव होने है, लेकिन इससे पहले 1 फरवरी को मोदी सरकार अंतरिम बजट पेश करने जा रही है. वैसे मोदी सरकार के पिछले 5 बजट को देखें तो वो बिल्कुल ‘संतुलित’ थे. लेकिन क्या आम बजट की तरह अंतरिम बजट भी संतुलित होगा? क्योंकि इस ऐलान का सीधा असर लोकसभा चुनाव पर दिखेगा, और अब इस मोड़ पर आकर मोदी सरकार जनता को निराश नहीं करना चाहेगी. इसलिए इस बजट वो सब कुछ हो सकता है जिसकी उम्मीद में जनता है.

अंतरिम बजट
अंतरिम बजट

वैसे सरकार ने गरीब सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण के ऐलान के साथ ही संकेत दे दिया था कि अभी उनके पिटारे में जनता के लिए खुशखबरी है. कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद से आरक्षण पर चर्चा के दौरान संसद में साफ कहा था कि अगर विपक्ष को लगता है कि मोदी सरकार लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर बड़े ऐलान कर रही है तो यह सच है. एक नहीं, इस तरह के कई और बड़े ऐलान होने वाले हैं. खबरों के मुताबिक मोदी सरकार अंतरिम बजट में मोदी सरकार जनता के मुख्य रूप से ये 5 बड़े ऐलान कर सकती है.

अंतरिम बजट में मोदी सरकार
अंतरिम बजट में मोदी सरकार

1. किसानों पर मेहरबान होगी सरकार? 
मोदी सरकार हर हाल में किसानों को चुनाव से पहले खुश करना चाहती है. बिजनेस टुडे के सूत्रों के मुताबिक सरकार किसानों को खेती के लिए हर सीजन में 4000 रुपये प्रति एकड़ की दर से आर्थिक मदद कर सकती है और यह रकम सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजने पर सरकार विचार कर रही है. सूत्रों की मानें तो सरकार के द्वारा इसका ऐलान अंतरिम बजट में किया जा सकता है. बता दें, देश में करीब 21.6 करोड़ छोटे और मंझले किसान हैं और इनपर सरकार की नजर है.

अंतरिम बजट-मोदी सरकार
अंतरिम बजट-मोदी सरकार

इसके अलावा किसानों को एक लाख रुपये तक ब्याज मुक्त लोन देने पर भी सरकार विचार कर रही है. इससे सरकारी खजाने पर सालाना करीब 2.30 लाख करोड़ रुपये का भार पड़ेगा, इसमें 70 हजार करोड़ की खाद सब्सिडी समेत अन्य छोटी स्कीमों को भी शामिल किया जा सकता है. सूत्रों की मानें तो इस फैसले को अंतिम रूप देने के लिए जोर-शोर से तैयारी चल रही है.

चुनाव से पहले अंतरिम बजट
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2. घर हो सकता है और सस्ता
वैसे तो मोदी सरकार ने वर्ष 2022 तक ‘सबके लिए आवास’ का लक्ष्य रखा है. लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार मिडिल क्लास को होम लोन के ब्याज दर में रियायत देकर खुश करना चाहती है. बिजनेस टुडे के मुताबिक होम लोन के ब्याज दर में छूट के साथ सरकार जीएसटी के जरिये भी घर खरीदने वाले मध्यम वर्गीय परिवार को राहत देने पर विचार कर रही है.

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सरकार अंडर कंस्ट्रक्शन फ्लैट और मकान पर जीएसटी की दर घटा सकती है. फिलहाल अंडर कंस्‍ट्रक्‍शन मकानों पर 12 फीसदी जीएसटी लगता है, जिसे 5 फीसदी स्‍लैब में लाया जा सकता है. अगर ऐसा होता है कि घर खरीदना और आसान हो जाएगा. बता दें, 2014 लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने सभी को घर देने का वादा किया था.

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3. बढ़ेगा टैक्स छूट का दायरा?
मोदी सरकार अंतरिम बजट में आयकर छूट की सीमा बढ़ाकर मिडिल क्लास को खुश कर सकती है. फिलहाल इनकम टैक्स में आयकर छूट का दायरा ढाई लाख रुपये तक है. सूत्रों के मुताबिक सरकार इसे बढ़ाकर 3 लाख से 5 लाख रुपये तक कर सकती है. मौजूदा टैक्स स्लैब में 2.5 लाख रुपये तक सालाना कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है. जबकि 2.5 से 5 लाख रुपये की आय पर 5 फीसद की दर से टैक्स लगता है.

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4. पेंशन में बढ़ोतरी  
जब से मोदी सरकार आई है तभी से बुजुर्गों के पेंशन (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन) में बढ़ोतरी की मांग की जा रही है. लेकिन अभी तक 2007 में लागू 200 रुपये महीने ही केंद्र सरकार एक बुजुर्ग को पेंशन देती है. यानी पिछले 11 सालों में पेंशन की राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार को तलब किया था.

अंतरिम बजट-मोदी सरकार
अंतरिम बजट-मोदी सरकार

खबरों के मुताबिक केंद्र सरकार अंतरिम बजट में पेंशन में बढ़ोतरी का ऐलान कर बुजुर्गों को खुश कर सकती है. इसपर सरकार के अंदर तमाम मंत्रालयों में मंथन जारी है. हालांकि 200 रुपये ये रकम बढ़ाकर कितनी की जाएगी, ये ऐलान के दिन ही साफ हो पाएगा. वैसे कई संगठनों द्वारा पेंशन की राशि को बढ़ाकर महंगाई के मुताबिक 3000 रुपये तक करने की मांग की गई है. सरकार 60-79 वर्ष के आयु वर्ग के बुजुर्गों को 200 रुपये मासिक पेंशन देती है.

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5. छोटे कारोबारियों को रियायत
पिछले दिनों छोटे कारोबारियों को राहत देते हुए जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी में छूट की सीमा को बढ़ाकर सालाना 20 लाख से 40 लाख रुपये कर दिया. यानी 40 लाख रुपये तक के टर्नओवर वाले कारोबारी अब जीएसटी के दायरे में नहीं आएंगे. इसके अलावा सूत्रों की मानें तो छोटे कारोबारियों को सस्ते में लोन देने पर सरकार विचार कर रही है.

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छोटे कारोबारियों को ब्याज में 2 फीसदी तक की छूट मिल सकती है. इसका फायदा जीएसटी के तहत रजिस्टर्ड छोटे कारोबारियों को मिलेगा. इसके अलावा छोटे कारोबारियों को मुफ्त में दुर्घटना बीमा की सुविधा भी सरकार दे सकती है. दुर्घटना बीमा की रकम 5 से 10 लाख रुपये तक हो सकती है. सबकुछ सही रहा तो सरकार अंतरिम बजट में इसका भी ऐलान कर सकती है.

(Courtesy: Aajtak)

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